Noun kise kahte hai || Pronoun ki paribhasha

 दोस्तो मैं इस पोस्ट में छोटे विद्यार्थी जो कक्षा 1 सें 2 के क्लास में पढ़ते है। उसके लिए काफी महत्वपूर्ण टॉपिक हैं।( Noun kise kahte hai || Pronoun ki paribhasha )  जो संज्ञा किसे कहते है। सर्वनाम का परिभाषा इनको स्कूल में टीचर हिंदी का मात्रा पढ़ने के बाद हिन्दी ग्रामर का मुख्य टॉपिक संज्ञा – वचन और भी छोटे – छोटे वाक्य को पहचान करने को सिखाते है।

इस लिए मैं इस पोस्ट में बच्चों के मदद के लिए कुछ हिन्दी व्याकरण को सरल भाषा में मसझा हूँ । जो उनको असानी से समझ में आ जाएगा। छोटे बच्चों को सरल भाषा में पढ़ाना अच्छा समझ में आता है। इसलिए मैं matra wale साइट में छोटे विद्यार्थीयों का मदद करती रहूँगी । और आप सभी लोग अपने बच्चों को इस साइट से पढ़ाते रहे। 

तो दोस्तो इस पोस्ट में छोटे विद्यार्थी के लिए निबन्ध भी दिए है। जो कक्षा 1 से 2 तक के बच्चो के लिए है। जो स्कूल के टीचर लिखने को कहते है बच्चे को समझ में नही आता क्या लिखू ।  कक्षा – 1 के बच्चों को छोटे वाक्य में निबन्ध लिखने को कहा जाता है। इस पोस्ट में निबन्ध – मेरा घर, मेरा मित्र, होली, ईद का निबन्ध निखने को दिया गया है जो छोटे वाक्य में सरल भाषा है। जो बच्चे असानी समझ सके ।

संज्ञा – वचन 
देखिए और पढ़िए –  

चूहा      –   चूहे
कन्या –      कन्याएँ
समझिए – 

  • चूहा और पतंग शब्द से एक – एक संख्या का बोध हो रहा है।
  • चूहे और पतंग से पता चलता है कि इनकी संख्या एक से अधिक है।

ऐसा शब्द जो संज्ञा के लिए संख्या का बोध कराता हो उसे वचन कहते हैं।

वचन के भेद

1.- एकवचन           2.- बहुवचन

आइए, इन्हें जानें – 

  1. एकवचन – शब्द के जिस रूप से एक संख्या का बोध होता है, उसे एक वचन कहते है,

 जैसे – लड़का         गुब्बारा

 2. बहुवचन – शब्द के जिस रूप से एक से अधिक संख्या का बोध होता है, उसे बहुवचन कहते है,

 जैसे – लड़के      गुब्बारे

Noun pronoun
Noun Pronoun ki paribhasha

नीचे दिए गए एकवचन और बहुवचन शब्दों को याद कीजिए – 

 

एकवचन  बहुवचन
आँख आँखें
नाव नावें 
मेज मेजें
गेंद गेदें
बतख  बतखें
कमरा कमरें 
बच्चा  बच्चें
रूपया रूपये
माता  माताएँ

 

 एकवचन  बहुवचन 
रात   रातें 
पुस्तक पुस्तकें 
जूता जूते 
घोड़ो घोड़े
तोता तोते
कौआ कौए
साड़ी साड़ियाँ
नदी नदीयाँ
बेटी बेटीयाँ
रोटी  रोटियाँ

 

अभ्यास –

( क ) निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर दीजिए – 

  1. वचन किसे कहते हैं?
  2. एकवचन किसे कहते हैं?
  3. बहुवचन किसे कहते हैं?

( ख ) इनके वचन बदलकर लिखिए – 

गुब्बारा

मेज

माता

कुत्ता

नावें

चूजे

तितलियाँ

जूते

सर्वनाम – Noun kise kahte hai

देखिए और पढ़िए –

  1. अमन पढ़ रहा है।

   वह होशियार है।

समझिए – नीचे वाले वाक्य में अमन के स्थान पर वह आया है।

2. बच्चे बगीचे में हैं।
  वे घूम रहे हैं ।

समझिए – नीचे वाले वाक्य में बच्चे के स्थान पर वे आया हैं।

3. जतिन बोला-
   मै आम खाउँगा।

समझिए – नीचे वाले वाक्य में जतिन के स्थान पर मैं आया है।

इन वाक्यों में अमन, बच्चे और जतिन सज्ञां शब्द हैं। इनके स्थान पर वह, वे और मैं का प्रयोग किया गया है। ये सभी सर्वनाम है।

 जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होते हैं, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

कुछ अन्य सर्वनाम शब्द – तू, तुम, हम, आप, कौन, किसने, कोई, कुछ, किसे,  किसको
उन्हें , तुम्हें, उसे, उसको। 

ध्यान रखिए –

अपने लिए मैं और हम का प्रयोग करते हैं।
जिससे बात की जाती है, उसके लिए तू, तुम या आप का प्रयोग करते हैं।
जिसके बारे में बात की जाती है, उसके लिए अन्य सर्वनामों,
जैसे – वह, वे, उसे, उसको, उन्हें, कौन आदि का प्रयोग करते हैं।

अभ्यास –

  1. ( क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएः 
  2. सर्वनाम किसे कहते हैं?
  3. अपने लिए किन सर्वनामों का प्रयोग करते हैं?

( ख ) निम्नलिखित में से सर्वनाम शब्द चुनकर नीचे लिखिएः 

तुम, आम, आप, हम, शेर, कौन, उसे, मैं

……..   …….  …….   ……… ……    ……..

 

 ग) सर्वनाम शब्दों पर ( सही ) चिह्न लगाइएः 

लड़की उसको
तुम्हें राजा
नल बच्चा
बत्तख वह
मैं सेब
कक्षा परी
कोई मनु
कमल आप
शालू कैसे
कौन रीता

 

  ( घ )   इन वाक्यों में सर्वनाम शब्दों को रेखांकित कीजिएः 

  1. राम उसे पढ़ाएगा ।
  2. आप खाना खा लीजिए।
  3. वह खेल रहा है।

विशेषण –

देखिए और पढ़िए

सभी व्यक्तियों और वस्तुओं की कोई – न – कोई विशेषता होती है। 

मोटा आदमी               मीठा सेब
गरम पानी                  सुंदर फूल
लंबी कतार                भूरा घोड़ा

रगीन शब्द – मोटा, मीठा, गरम, सुंदर, लंबी, भूरा, अपने सामने लिखे शब्दों –
आदमी, सेब, पानी, फूल, कतार, घोड़ा, की विशेषता बता रहै  हैं।

  • मोटा, मीठा, गरम, सुंदर, लंबी और भूरा शब्द विशेषण हैं।
  • आदमी, सेब, पानी, फूल, कतार और घोड़ा शब्द विशेष्य हैं।

जो शब्द संज्ञा और सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताते हैं, वे विशेषण कहलाते हैं।

अभ्यास – 

( क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिएः 

  1. विशेषण की परिभाषा लिखिए।

(ख) विशेषण को सही संज्ञा से मिलाइएः

1. प्यारी                    पेड़
2. लाल                      गुड़िया
3. भयानक                 कपड़े
4. ऊँचा                      शेर
5. साफ                      पानी
6. ठंडा                      टमाटर

कहानी – लेखन

हम अकसर एक- दूसरे को कहानियाँ सुनाते हैं। तुम्हारे माता – पिता तुम्हें कहानियाँ सुनाते होंगे। दादी या नानी भी कहानियाँ सुनाती होंगी। हम सबको कहानी सुनना अच्छा लगता है।
अब आप अपने साथियों को नीचे दी गई कहानियाँ सुनाइए।

1. जैसे को तैसा

किसी गाँव में एक हाथी रहता था। वह रोज सुबह तालाब पर नहाने जाता था। जाते समय रास्ते में एक दरजी की दुकान पर रूकता था। दरजी उसे रोज कुछ -न – कुछ खाने को देता था। दोनों में गहरी दोस्ती हो गई थी। एक दिन दुकान पर दरजी का लड़का बैठा था। हाथी रोज की तरह दरजी की दुकान पर पहुँचा। दरजी के लड़के ने हाथी की सूँड में सूई चुभा दी। हाथी को बहुत गुस्सा आया।

लेकिन वह चुपचाप चला गया। नहाने के बाद लौटते समय हाथी ने अपनी सूँड में गंदा पानी भर लिया। वह सीधा दरजी की दुकान पर पहुँचा। उसने सारा गंदा पानी दुकान में डाल दिया। इससे दुकान में रखे सारे कपड़े गंदे हो गए। इस तरह, हाथी ने बदला ले लिया। ठीक कहा है – जैसे को तैसा ।

शिक्षा – कभी किसी को सताना नहीं चाहिए। 

2. खरगोश और कछुआ

किसी जंगल में एक खरगोश रहता था। पास ही सरोवर में एक कछुआ रहता था। दोनों के बीच गहरी मित्रता थी। कछुआ बहुत धीरे चलता था। खरगोश बहुत तेज दौड़ता था। एक दिन खरगोश बोला – कछुए भाई, आओ दोनों दौड़ लगाएँ । देखते हैं बरगद के पेड़ तक पहले कौन पहुँचता है। कछुआ भी मान गया।कछुआ और खरगोश एक साथ दौड़े। खरगोश बहुत तेज दौड़ा । वह बहुत आगे निकल गया।

अब उसने पीछे मुड़कर देखा।
उसे कछुआ दूर तक नहीं दिखा। खरगोश ने सोचा – थोड़ा आराम कर लूँ। वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया। उसे नींद आ गई। कछुआ लगातार चलता रहा। उसने देखा कि खरगोश सो रहा है। वह चलता गया और पेड़ तक पहुँच गया। नींद खुली तो खरगोश बहुत तेज दौड़ा। लेकिन कछुआ तो पहले ही वहाँ पहुँच गया था। सही कहा है, जीत के लिए जरूरी है-
पहले काम, पीछे आराम।
शिक्षा – सफलता के लिए काम को लगातार करना चाहिए । 

निबंध – लेखन

निबंध क्या हैं? 

किसी विषयों पर अपने विचार लिखकर प्रकट करना निबंध है। यहाँ कुछ विषयों पर निबंध दिए गए है। इन्हें पढ़िए,
समझिए और याद कीजिए।

 मेरा घर

  1. यह मेरा घर है।
  2. मेरा घर नेहरू नगर, दिल्ली में है।
  3. मेरा घर बहुत बड़ा और सुन्दर है।
  4. यह खुला और हवादार है।
  5. मेरे घर में पाँच कमरे हैं।
  6. मेरे घर के सामने एक सुन्दर बगीचा है।
  7. मेरे घर में सुख और आराम की सभी चीजे है।
  8. घर में हम माता – पिता और भाई – बहनों के साथ रहते हैंं।
  9. घर हमें सर्दी , गर्मी , वर्षा, चोरों और पशुओं से बचाता है।
  10. मुझे अपना घर बहुत प्यारा है।

2. मेरा प्रिय मित्र

  • 1.राहुल मेरा प्रिय मित्र है।
  • वह मेरे साथ मेरी कक्षा में पढ़ता है।
  • हम दोनों के घर आसपास है।
  • उसके पिताजी डॉक्टर हैं।
  • वह पढ़ने में होशियार है।
  • उसका व्यवहार बहुत अच्छा है।
  • वह प्रातः जल्दी उठता है।
  • वह अपने सभी काम समय पर करता है।
  • वह कभी भी झूठ नहीं बोलता है।
  • वह मुझे भी अच्छे कार्य करने की सलाह देता है।

  होली

  1. होली रंगों का त्योहार है।
  2. यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
  3. रात को होतिका दहन किया जाता है।
  4. अगले दिन दुलहंडी मनाई जाती है
  5. सभी एक- दुसरे पर रंग डालते हैं।
  6. गुझिया होली की मुख्य मिठाई है।
  7. लोग एक- दुसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते है।
  8. इस त्योहार पर बच्चे, बूढ़े, जवान सभी मस्त हो जाते है।
  9. मेरे देश का नाम भारत है।

ईद

ईद खुशियो का त्योहार हैं। प्रत्येक समाज के अपने त्योहार होते हैं और उनका महत्व भी अलग – अलग होता है। लोग अपनी खुशी एक साथ प्रकट करने के लिए त्योहार मनाते है। त्योहार रोजमर्रा की दिनचर्या से हटकर हम में काम करने का नया उत्साह पैदा करते है। कुछ त्योहार धार्मिक, कुछ सांस्कृतिक व कुछ राष्ट्रीय होते हैं जिन्हें हर समाज के , हर वर्ग के लोग आपस में मिल – जुलकर मनाते है।

ईद मनाने का समय व कारण

ईद का त्योहार इस्लामी माह शव्वाल की पहली तारीख को मनाया जाता है। इसके पहले रमजान का महीना होता है। जिसे मुसलमान भाई बड़ा पवित्र महीना मानते है। इस पूरे माह रोजे ( उपवास ) रखते है। सूर्योदय से सूर्यदय तक कुछ भी नहीं खाते । सूर्यास्त पश्चात रोजा ( उपवास ) खोला जाता है जिसे रोजा – इफ्तारी कहते है।

दिन भर कुरान शरीफ का पाठ करते हैं और नियमपूर्वक नमाज अदा करते है। पूरा माह पवित्र जीवन बिताते है, गरीबों और दुखियों की मदद करते है। रमजान माह की समाप्ति पर ईद का चांद देखकर त्योहार समाप्त करते है। रोजों के बाद दिखाई देने वाला प्रथम चाँद ईद का चाँद कहलाता है। यह मुसलामानों के लिए बड़ा प्यारा चाँद होता है। ईद का चाँद दिखाई देने के दूसरे दिन प्रातःकाल स्नान कर नए वस्त्र पहनकर मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज पढ़ने जाते है।

उपसंहार 

इस दिन हमें आपस में भेदभाव भुलाकर मिल-जुलकर त्योहार मनाना चाहिए । सभी तरह के राग- द्वेष भूलकर भाईचारे की भावना से मनाए गए त्योहारों का अपनी अलग ही शान होती है, क्योंकि त्योहार हमें ताजगी, स्फूर्ती और खुशियाँ प्रदान करते हैं।

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